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तुम अगर चली जाती तो...

तुम अगर चली जाती तो कोई मशला नहीं होता,  बस पीछे मुड़कर देखना तुम्हारा ,मेरे जहन में बैठे गया।।  और गुलाबी गाल, गहरी आँखें, कांपते होट सब क़ातिल है  मगर शरमाकर नज़र झुकाना तुम्हारा ,क़यामत बन गया।।